Chachi Ki Chudai Ki Interesting Story Part 1 Audio Story
Prikaži više
Sakrij
Objavio/la rairai7289
Videotranskripcija
उस तो मेरे चाचा की शादी हुए करीब 6 महीने हो चुके थे।
मेरी नई चाची संजना बेहत खूब सूरत थीं।
चाचा-चाची की शादी के बाद से ही रात में उनके बीच कुछ खट-पट की आवाजें मुझे सुनाई देने लगी थीं।
हर रात उनके कमरे से बहस की आवाजें आतीं और मैं समझ नहीं पाता था कि यह सब क्यों हो रहा है।
एक दिन जब चाचा घर पर नहीं थे तो मैंने मौका पाकर संजना-चाची से उनकी बहस का कारण पूछा।
वो थोड़ा असहज नजर आई, फिर मेरे हाथ को पकड़ कर कहा, तुम्हारे चाचा मुझे वो खुशियां नहीं दे पाते जिनकी मुझे उम्मीद थी, यही हमारे जगडे की असली वज़ा है।
इतना कहने के बाद उन्होंने मुझे कुछ अजीब नजरों से देखा, जैसे कुछ और कहना चाह रही हों। फिर अचानक उन्होने मेरे कन्धे पर हाथ रखा और उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक दिखाई दी, मैं हक्का-बक्का रह गया।
हालांकि उनके लिए वह बीते दिनों की बात हो चुकी थी, पर मेरे लिए संजना चाची अब भी नई ही थी। शादी के छेह महीने बाद, मैं पहली बार गाँव आया था। मेरे पिताजी की नौकरी शहर में होने के कारण, हमारा परिवार वही रहता था और अभी-अभी
मैंने अपनी प्रतियोगी परीक्षाएं खत्म की थी, इसलिए मैं कुछ दिनों के लिए गाँव जाने का मन बना चुका था।
गाँव के घर में मेरे छोटे चाचा और दादा जी रहते थे, अब चाची के आ जाने से उनका खयाल रखने वाला कोई था।
शादी के तुरंत बाद हम पिताजी की नौकरी की वजह से ज्यादा रुक नहीं पाए थे, लेकिन इस बार मैं कुछ दिन रुकने वाला था।
गाँव पहुँचते ही मैंने घर के अंदर जाकर अपना बैग रखा, तब ही संजना चाची मेरे सामने पानी का गिलास लेकर आई, वह कुछ कहे बिना पानी देकर जल्दी से चली गई। मैंने ध्यान दिया कि वह हर समय पल्लू ओड कर रहती थी। उनकी नजाकत और सौं
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